
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बोले संत- जांच पूरी हुए बिना किसी पर विशेष रूप से आरोप लगाना गलत, जो भी दोषी हो उस पर हो कठोर कार्रवाई
……..राम मंदिर और ट्रस्ट को बदनाम करने की चल रही साजिश…..
अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी के मामले में राम मंदिर ट्रस्ट पर लगाए जा रहे आरोपों के विरोध में अब अयोध्या का संत समाज सामने आया है। संतों की ओर से राम कचहरी में आयोजित हुई बैठक में संतो ने कहा कि राम मंदिर और ट्रस्ट को लगातार बदनाम किया जा रहा है।
उनका कहना है राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी की जांच एसआईटी कर रही है, जब तक जांच पूरी न हो जाए तब तक किसी पर विशेष रूप से आरोप लगाना उचित नहीं है। संतों का कहना है कि उन्हें एसआईटी और सरकार पर पूरा भरोसा है, जांच पूरी होने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

फिलहाल मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, पुलिस भी लगातार जांच पड़ताल करने में जुटी है और एसआईटी भी अपनी जांच कर रही है, ऐसे में बिना जांच पूरी हुए किसी पर आरोप लगाया जाना उचित नहीं है, उनका कहना है कि राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी के मामल में जो भी लोग दोषी हो, उनका खिलाफ कार्रवाई जरूर हो, तब तक सभी को संयम बरतना चाहिए।
संतों का कहना है कि कुछ लोग अब सिर्फ राम मंदिर और ट्रस्ट को बदनाम करने की साजिश में जुट गए हैं, इसका संत समाज विरोध करता है। सरयू आरती के संयोजक शशिकांत दास ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी प्रकरण में जांच चल रही है, ऐसे में बिना जांच पूरा हुए ट्रस्ट के सदस्यों पर किसी तरह का आरोप लगाना अनुचित है, पहले जांच की प्रक्रिया पूरी हो और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी, लेकिन उससे पहले किसी को विशेष रूप से टारगेट करना किसी भी मायने में उचित नहीं है।

वही कथावाचक चन्द्रांशु महाराज का कहना है कि राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी किसी भी दशा में क्षमा योग्य नहीं है, हालांकि अब विषय जांच का है, जांच चल रही है, जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर कार्रवाई भी हो लेकिन तब तक किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं है।
तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने इस मामले पर विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की इसमें बहुत बड़ी साजिश है, चोरी के आरोप में पकड़े जी टिन्नू यादव अखिलेश का गुप्तचर है और उन्हीं के इशारे पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चोरी कर रहा था।
परमहंस आचार्य का कहना है कि ऊं सरकार और एसआईटी पर पूरा भरोसा है, जांच चल रही है, बिना जांच पूरी हुए किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहिए, जांच पूरी होने के बाद सब साफ हो जाएगा और जो भी इसमें दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी होनी चाहिए।

